उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं के बीच पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक चारु निगम के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत कुड़वार थाना पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की संयुक्त टीम ने एक अंतरजनपदीय शातिर चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से जिले में हुई कई बड़ी चोरी की घटनाओं का खुलासा हुआ है।
पुलिस ने किरतूपुर कला तिराहा क्षेत्र में घेराबंदी कर जावेद अहमद, अजीम कुरैशी, मोहम्मद आदिल और अजय कुमार कोरी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि वे किसी भी चोरी की वारदात को अंजाम देने से पहले कई दिनों तक मकानों और आसपास के इलाकों की रेकी करते थे। वे यह सुनिश्चित करते थे कि जिस घर को निशाना बनाना है, वहां कब लोग मौजूद नहीं रहते और आसपास की गतिविधियां कैसी हैं।
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वारदात के दौरान वे मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते थे, ताकि उनकी लोकेशन ट्रेस न हो सके और पुलिस तक कोई तकनीकी सुराग न पहुंचे। इसी रणनीति के कारण वे लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से दूर रहे।
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 2 लाख 40 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा सोने के चार हार, अंगूठियां, झुमके, मंगलसूत्र, चांदी की पायल, बिछिया, कमरबंद समेत लाखों रुपये मूल्य के आभूषण और चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह कोतवाली नगर क्षेत्र में डॉक्टर संजय मिश्रा के घर हुई बड़ी चोरी में शामिल था। इसके अलावा जयसिंहपुर, कुड़वार और पड़ोसी जनपद प्रतापगढ़ में हुई कई वारदातों में भी इनकी संलिप्तता पाई गई है। आरोपियों ने पूछताछ के दौरान इन घटनाओं में अपनी भूमिका स्वीकार की है।
जांच के दौरान एक सर्राफा कारोबारी की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी के जेवरात को खपाने में उसकी क्या भूमिका थी। मामले में आगे की जांच जारी है और जल्द ही अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार सभी आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है। इनके खिलाफ पहले से चोरी, गैंगस्टर एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। ऐसे में इनकी गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
इस सफल अभियान में कुड़वार थाना प्रभारी प्रवीण कुमार यादव, एसओजी प्रभारी शिवनारायण, उपनिरीक्षक दिनेश यादव और उपनिरीक्षक अभिनव चंद्र की अहम भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक चारु निगम ने टीम के उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए 25 हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है।
इस कार्रवाई ने न केवल कई लंबित चोरी की घटनाओं से पर्दा उठाया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि अपराधी चाहे कितनी भी शातिर योजना बना लें, कानून की पकड़ से ज्यादा दिनों तक बच नहीं सकते।